facebook Share on Facebook पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने फिर कश्मीर राग को अलापते हुए अपने मंसूबे भारत के प्रति जाहिर किए हैं। उन्होंने कहा है कि यदि कश्मीर के मसले को सुलझा लिया जाए, तो पाकिस्तान को परमाणु हथियारों की आवश्यकता नहीं रहेगी। इससे साफ जाहिर होता है कि इमरान खान का भारत के प्रति अभी भी क्या नजरिया है। उनका यह भी कहना है कि दोनों ही देशों के परमाणु शस्त्र संपन्न होने के चलते ही दोनों के बीच युद्ध नहीं हो रहा है और हमारे परमाणु शस्त्र वास्तव में हमारी सुरक्षा के लिए हैं। उन्होंने कहा कि जिस देश को पड़ोसी देश सात गुणा बड़ा हो, वह चिंतित तो रहेगा ही। वह कहते हैं कि उन्हें पाक में एटमी हथियारों के बढऩे की पक्की जानकारी नहीं है। इन सब बयानबाजियों से तो यही जाहिर होता है कि इमरान खान असल में कुंठित मानसिकता से ग्रसित हंै और भारत की ताकत का भी उन्हें बखूबी अहसास है। वह अपनी तरफ से पाक की हिमायतों से संबंधित शब्दों को तो प्रवाहित कर देते हैं, लेकिन वह यह भूल जाते हैं कि भारत के ताज कश्मीर में आतंकवाद का जो कहर पाक की ओर से बरपाया जा रहा है, उस पर कब नियंत्रण पाया जाएगा। कश्मीर के राग को अलापना उन्हें अब बंद कर देना चाहिए, क्योंकि इसे प्राप्त करने का जो सपना वह पाले हुए हैं, वह कभी भी पूरा होने वाला नहीं है। पाकिस्तान हमेशा परमाणु हथियारों की बात कर भारत को डराने की नाकाम कोशिश करता रहता है, जबकि हकीकत यह है कि वह हिंदुस्तान की अपार शक्ति से घबराया हुआ है। उसे पता है कि जिस दिन भारत ने अपनी ताकत दिखा दी, उसका विश्व पटल से नामोनिशान ही मिट जाएगा। कश्मीर के भोले भाले युवाओं को बरगलाकर पाक के कई आतंकी संगठन आतंकवाद की आग में झोंकते जा रहे हैं ओर अपने मंसूबों को अंजाम देने की फिराक में रहते हैं। यह भी दीगर है कि पाक में पल रहे इन आतंकी संगठनों को पाक सरकार का पूरा समर्थन रहता है। जम्मू कश्मीर के डीजीपी की ओर से यह जानकारी दी गई है कि कश्मीर घाटी में जहां पाक की ओर से आने वाले आतंकवादी सक्रिय हैं, वहीं काफी संख्या में विदेशी आतंकवादी भी मौजूद है, जोकि सामने नहीं आ रहे हैं। उधर, बुधवार को पाकिस्तान के लाहौर में मुबंई हमले के मुख्य साजिशकर्ता और जमात-उद-दावा संगठन के प्रमुख हाफिज सईद के घर के बाहर कार में हुए बम विस्फोट में 3 लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, जौहर टाउन की बीओआर सोसायटी में सईद के घर के बाहर स्थित पुलिस जांच चौकी में यह बम धमाका हुआ है। इससे यह जाहिर होता है कि दूसरों के घरों पर पत्थर फेंकने वालों के अपने घर भी सुरक्षित नहीं हैं। इमरान खान को कश्मीर राग अलापने की बजाय उन पहलुओं पर गौर करना चाहिए, जो भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में मिठास घोलने के लिए अहम हैं। दोनों देशों की अवाम शायद यही चाहती है कि रिश्तों की बहाली अतिशीघ्र हो जाए, जबकि सियासत ही इनकी बाधक बनी हुई है। पाक को हकीकत के आईने में झांकना चाहिए और भारत में आतंकवादी गतिविधियों को अविलंब रोक देना चाहिए। यही दोनों देशों के बीच रिश्तों के सुधार के लिए बेहतर रहेगा।