facebook Share on Facebook वैश्विक महामारी कोरोना की कथित दो लहरों का प्रकोप इस कदर प्रभावी रहा है कि आम आदमी का जिंदगी के प्रति नजरिया ही निराशावादी हो चुका है। हाजांकि अब कोरोना की दूसरी लहर का प्रभाव काफी कम हो चुका है, लेकिन यह भी नहीं कहा जा सकता है कि यह महामारी खत्म होती जा रही है। कोरोना के नए से नए वैरिएंट सामने आ रहे हैं और सभी वैरिएंट ज्यादा घातक बताए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस बात पर चिंता जताई है कि लोगों की लापरवाहियां इस कदर बढ़ती जा रही है कि कोरोना की कथित तीसरी लहर का आगाज जल्द हो सकता है। मोदी ने शुक्रवार 16 जुलाई को छह राज्यों, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, ओडिशा और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्रियों से कोविड की ताजा जानकारी पर बात की और कहा कि उक्त राज्यों में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी होना वास्तव में चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यूरोप के कई देशों में केस बढ़ रहे हैं और यह हमारे लिए काफी चिंतनीय कहा जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि लंबे समय तक कोरोना रहने से नए वेरिएंट का खतरा बढ़ जाता है। मोदी ने गहरी चिंता जताते हुए कहा कि हम कोरोना की तीसरी लहर के मुहाने में बैठे हैं और इसके लिए हमें ज्यादा सतर्कता बरतनी होगी। वास्तव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चिंता वाजिव ही कही जा सकती है, क्योंकि जिस तरह से लोग नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं और लापरवाह होते जा रहे हैं, उससे तो हालात जल्द ही बिगड़ सकते हैं। देश के कई पर्यटन स्थलों में इन दिनों लोग भारी तादाद में परिवार या दोस्तों के साथ पहुंच रहे हैं और सबसे दुखद पहलू यह है कि इन लोगों में से अधिकतर चेहरे पर मास्क लगाने को तवज्जो हीे नहीं देना चाहते हैं। यदि उन्हें मास्क लगाने की उपयागिता के बारे में बताया भी जाता है, तो उनका कहना होता है कि कोरोना अब चला गया है, अब मास्क लगाने की क्या जरूरत है। लोगों की यही सोच असल में महामारी को बढ़ावा देने के लिए काफी है। केंद्र सरकार ने भी देश भर के पर्यटन स्थलों पर बढ़ रही भीड़ और कोरोना के नियमों के उल्लंघन की तस्वीरों को देखने के बाद कड़ी चेतावनियां जारी की हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कड़ा संज्ञान लेते हुए संबंधित राज्यों को इस पर तुरंत कंट्रोल करने की हिदायत दी है। दिल्ली, मुंबई सहित देश के अन्य बड़े शहरों में लोगों की अथाह भीड़ रोजाना नजर आ रही है। इससे हालात बिगडऩे की आशंकाएं बढ़ गई हैं। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों से संवाद करते हुए कहा कि बच्चों को कोरोना से बचाने के लिए पूरी तैयारी करनी होगी। पिछले दो हफ्तों में यूरोप के देशों में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। अमेरिका में भी केस बढ़ रहे हैं और यह हमारे लिए चेतावनी है। गौरतलब है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से कोरोना की तीसरी लहर का ऐलान किया जा चुका है और इस लहर में सबसे ज्यादा मामले अमेरिका में देखे जा रहे हैं। यहां पिछले 25 दिनों में नए संक्रमण के मामलों में 350 फीसदी इजाफा हुआ है, मगर वैकसीनेशन में गिरावट दर्ज की जा रही है। वहीं, ब्रिटेन में भी हालात ऐसे ही बने हुए हैं, जबकि इंडोनेशिया मौजूदा समय में कोरोना मामलों में एशिया का एपीसेंटर बना हुआ है। कोरोना की तीसरी लहर के मद्देनजर विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख टेड्रॉस ए गेब्रेयेसिस ने भी कहा है कि कोरोना की तीसरी लहर अभी शुरुआती दौर में है और इसे अभी बेकाबू होने से रोकना संभव है। इस समय हालात जरूर कुछ काबू में हैं, मगर लोगों की लापरवाहियां यदि इसी तरह बढ़ती रही, तो फिर से दूसरी लहर का दौर देखना पड़ सकता है। इसे वक्त रहते कंट्रोल में करना होगा।