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बलबीर परमार

धर्मशाला | सन्नी महाजन 

"फौजी का दिमाग होता है घुटने में" : बलबीर परमार 

सीरियसली???

जी हां बिल्कुल, धर्मशाला में सैनिक समाज पार्टी ने ऐलान किया है कि अगर वह सत्ता में आते हैं तो हिमाचल में मदिरा उद्योग को नई बुलंदियों पर ले जाएंगे और हिमाचल में बनी शराब को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निर्यात करेंगे. सही भी है, हिमाचल में मदिरा बनाने के लिए प्रयोग में लाए जाने वाले संसाधनों का भरपूर भंडार है.  काफी मात्रा में फल हिमाचल में खराब हो ही जाते हैं. मदिरा के क्षेत्र में ऐसे में इन संसाधनों का भरपूर प्रयोग में लाना वरदान से कम साबित नहीं होगा. इस अतरंगी आईडिया को सैनिक समाज पार्टी के संयोजक बलबीर परमार ने हिमाचल की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए पेश किया है. साथ ही उन्होंने सुझाव दिया है अमेरिका की तर्ज पर भारत के नागरिकों को आत्मरक्षा के लिए हथियार रखना अनिवार्य हो. ताकि किसी भी मुश्किल की घड़ी में नागरिक आत्मरक्षा करने के काबिल हो. 

"फौजी की सबसे बड़ी ताकत उसके घुटने है , जिसके बल पर फौजी बड़े से बाद पहाड़ भी आसानी से चढ़ जाता है। फौजी की मजबूती उसके शरीर से है, खासकर घुटने से। ताकतवर घुटने ही एक फौजी बड़ी से बड़ी जंग फतेह करता है। इसीलिए मेरा मानना है की फौजी का दिमाग घुटने में होता है। " -बलबीर परमार 

 बलवीर परमार अपने क्रांतिकारी आइडिया देते हुए कहते हैं कि कि देश केवल सेना के सहारे ही नहीं चल सकता बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को अपने क्षेत्र में सैनिकों की भूमिका अदा करनी होगी. बलबीर परमार ने भारत की अखंडता पर गर्व करते हुए कहा कि देश के राजनेताओं ने भारत को लेकर बहुत मेहनत की है. जिसका नतीजा यह है कि आजादी के 75 वर्ष बाद भी भारत देश एकजुट है लेकिन समय के साथ-साथ भारतवर्ष में कई चीजों पर बदलाव लाना बहुत जरूरी है. 

बलबीर परमार का कहना है कि देश कि 80 प्रतिशत समस्याओं का कारण हमारी संसदीय लोकतंत्र प्रणाली है। और जब तक यह व्यवस्था कायम रहेगी देश में अराजकता का माहोल बना रहेगा। संसदीय लोकतंत्र में पर्यवेक्षण तथा नियंत्रण और संतुलन का अभाव होने के कारण भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद अत्यधिक बढ़ गया है। इस व्यवस्था में जो लोग विधायिका में होते हैं वो ही कार्यपालिका में बैठे होते हैं तथा उन्हीं के जान-पहचान वाले न्यायपालिका पर आसीन होते हैं जिस की वजह से पर्यवेक्षण तथा नियंत्रण और संतुलन का अभाव हो जाता है। इसी लिए पार्टी का मत है कि सरकार के अंगों का चुनाव जनता के माध्यम से होना चाहिए ताकि भ्रष्टाचार से छुटकारा मिल सके।

हिमाचल पर खास फोकस रखते हुए  सैनिक समाज पार्टी 2022 के चुनावों में बड़ी भूमिका अदा करने वाली है सैनिक समाज पार्टी द्विभाषी शिक्षा प्रणाली लागू करेंगे जो हिंदी और अंग्रेजी मैं रहेंगी। शिक्षा पर जोर देते हुए पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षा का मुख्य उद्देश्य आजीविका अर्जित करना होगा और कौशल उन्मुख शिक्षा प्रणाली को बढ़ावा दिया जाएगा। हिमाचल प्रदेश की राजधानी को भी बदलने की कवायद भी पार्टी द्वारा शुरू की जाएगी. राज्य की राजधानी को शिमला के बजाए केंद्रीय स्थान पर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल में छोटे जिलों का गठन किया जाएगा जिसमें शुरुआत में अतिरिक्त 4 से 6 नए जिले बनाने का प्रावधान पार्टी द्वारा रखा गया है। बेहतर आवागमन और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सड़क, रेल और केबल-कार नेटवर्क का विस्तार करना पार्टी के दृष्टि पत्र में एक खास बात है। पार्टी द्वारा हिमाचल संस्कृति को और बढ़ावा दिया जाएगा जिससे यूनिवर्सल ब्रदरहुड की भावना बनी रहे. कृषि को लेकर किसानों और बागवानों के लिए बेहतर काम करने की सुविधाएँ प्रदान करवाना पार्टी का मुख्य उद्देश्य रहेगा. नागरिकों को हथियार रखने पर पाबंदी नहीं रहेगी वह आसानी से बंदूक का लाइसेंस नागरिकों को मुहैया करवाया जाएगा. पार्टी द्वारा प्रदेश के लिए बेहतर हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करेंगे। हिमाचल प्रदेश में उपलब्ध संसाधनों का भरपूर उपयोग किया जाएगा तथा उद्योग और व्यापार को बढ़ावा दिया जाएगा। 

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