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वोट

मांगों को लेकर बनेंगे नए समीकरण

उपचुनाव में कर्मचारियों की पेंशन का मुद्दा गायब से हुए नाराज 

धर्मशाला | सन्नी महाजन 

हिमाचल में होने वाले चार क्षेत्रों में उपचुनाव को लेकर सरकारी कर्मचारियों की भूमिका अहम रहने वाली हैं. मौजूदा सरकार में हर एक साल के हर एक महीने की हर एक दिन सरकारी कर्मचारी पुरानी पेंशन की बहाली की नोटिफिकेशन का इंतजार कर रहे हैं. इन उपचुनावों में भी सरकारी कर्मचारियों को ऐसा लगता है कि उनकी अनदेखी की जा रही है नई पेंशन स्कीम कर्मचारी संघ के प्रधान राजेंद्र मिन्हास की माने तो कोई भी राजनीतिक पार्टी सरकारी कर्मचारियों की व्यथा को सुनने को तैयार नहीं है और ना ही दृष्टि पत्र पर उनके लिए कोई बात कही गई है. 

कांगड़ा नई पेंशन स्कीम कर्मचारी एसोसिएशन के कांगड़ा जिला प्रधान रजिंदर मन्हास ने कहा कि  वर्तमान में हिमाचल के तीन विधानसभा क्षेत्र और एक लोकसभा क्षेत्र में उप चुनाव हो रहे  है उन्होंने कहा कि बड़े दुख की बात है कि कोई भी दोनों बड़ी पार्टियों में से पुरानी पेंशन बहाली की मांग पर कोई प्रतिक्रिया किसी भी बड़ी पार्टी की अभी तक नहीं आई है जिससे हिमाचल के एक लाख एनपीएस कर्मचारी हैरान  है जिला प्रधान ने कहा कि पिछले 6 साल से हिमाचल के कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग को बड़े जोर शोर से दोनों पार्टियों के समक्ष उठाया है और हिमाचल जैसे कर्मचारी प्रधान राज्य में जहां सत्ता  कर्मचारियों के इर्द-गिर्द घूमती हो उसमें इस मांग को नजर अंदाज़ करना उन कर्मचारियों के साथ धोखे से कम नहीं है जो इस चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा बनने जा रहे हैं जिला प्रधान ने कहा कि कोरोना कॉल में हर सरकारी कर्मचारी ने बड़े बेहतर ढंग से अपनी ड्यूटी की जहां लोग घरों में बंद थे सरकारी कर्मचारी सड़कों पर, अस्पतालों में सेंटर  और बैरियर पर हाई रिस्क में अपनी ड्यूटी कर रहा था जिला प्रधान ने कहा कि तीसरी लहर के खतरे के बीच भी कर्मचारी लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए  इन उपचुनाव में चुनाव ड्यूटी कर रहे हैं  परंतु दोनों बड़ी पार्टियां इन कर्मचारियों की वर्षों से चली आ रही मांग पेंशन बहाली के मुद्दे पर खामोश है  जिला प्रधान ने दोनों बड़ी पार्टियों को पुरानी पेंशन बहाली की मांग पर अपना रुख स्प्ष्ट करने का भी आग्रह किया है



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