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दीपक राठौर

पंचायतों में देरी से आ रही धनराशि, काम लटके: दीपक राठौर 

राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेश समन्वयक दीपक राठौर ने शुक्रवार को धर्मशाला के परिधि गृह में पत्रकारों को संबोधित करते हुए भाजपा सरकार पर आरोप लगाया  कि प्रदेश सरकार सरकारी धन का दुरुपयोग कर रही है और पंचायतों को विकास के लिए धनराशि नहीं दी जा रही है। दीपक राठौर ने कहा कि भाजपा सरकार के 4 सालों में नई पंचायतों को भवन तक नहीं मिले हैं और 31 मार्च तक नई पंचायतों को भवन नहीं मिले तो संगठन आंदोलन करेगा। राजीव गांधी पंचायती राज संगठन लगातार अपने आंदोलनों से सरकार को जागृत करता है पिछले साल 320 किलोमीटर पद यात्रा की थी उसके सार्थक परिणाम आए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की 3615 पंचायत में लोकतंत्र 3615 हजार लोगों एंव प्रतिनिधि को स्वराज साथी जोड़ेंगे जिसमें पंचायत प्रतिनिधि और बीडीसी भी होंगे। एसडीआरएफ फंड ग्रामीण फंड का प्रदेश सरकार कोरोना को लेकर खर्चकर रही है वो तो ठीक है पर सरकार उसे विज्ञापन में खर्च कर रही है। इसलिए दोबारा पंचायत में पीडब्ल्यूडी में लाया जाए। राठौर का मानना है कि दो और प्रकार के फंड भी पंचायतों में खर्च किए जाए, ताकि पंचायत विकास हो सके। उन्होंने कहा अब सर्दियां शुरू हो गयी है तो गोसदनों की अभी बहुत कमी है। अपने चुनाव घोषणा पत्र में हर पंचायत में गोसदन बनाने की बात कही थी लेकिन अभी प्रदेश में पशुओं की स्थिति सही नही है। 15 वित्त आयोग के फंड में देरी के चलते पंचायतों में विकास कार्य में देरी हो रही है उन्होंने सरकार से गुजारिश करते हुए कहा कि सरकार द्वारा जल्द से जल्द इसको नियमित बहाल किया जाए। अभी 3089 पंचायतों में अभी भवन ही नहीं बन पाए हैं। इसको लेकर भी बजट दिया जाए। पंजाब पर हुए घटनाक्रम  पर राठौड़ ने कहा कि किसी भी देश के प्रधानमंत्री पूरे देश के होते है। मैंने कहा अगर उनकी सुरक्षा में चूक हुई है तो इसकी  जिम्मेवारी ग्रह मंत्रालय की होती है। मंत्रालय को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के बारे में विस्तार पूर्वक राज्य सरकार को सूचना दे देनी चाहिए थी. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने बयान से पंजाबियत पर सवाल उठा दिए हैं जो दुर्भाग्यपूर्ण है। कठोर कहते हैं कि अभी देश की सरकार सत्ता के केंद्रीयकरण पर काम करती है और सत्ता केवल दो ही लोगों के इर्द-गिर्द घूम रही है . उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा जान बूझकर पंचायतों को फंड नहीं दिया जा रहा है। राठौर ने उदाहरण देते हुए कहा कि केरल में पंचायतों को बहुत मजबूत हैं क्योंकि वहां खुलकर पैसा पंचायतों को दिया जाता है। देश और प्रदेश भर में पंचायतों को नजरअंदाज किया जा रहा है। प्रेस वार्ता के माध्यम से सरकार को जताते हुए राठौर ने कहा कि 31 मार्च तक नई पंचायतों को भवन नहीं मिले तो संगठन आंदोलन करेगा। वहीं, संगठन के प्रदेश सह समन्वयक सुमित ने कहा कि पिछले वर्ष आज के दिन हमारी पद यात्रा खत्म की थी। किसानों के समर्थन में की थी अब सरकार ने कृषि के काले कानून वापस लिया है।



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