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PANKAJ KUMAR PANKU

DHARAMSALA | SUNNY MAHAJAN 

जिला परिषद के सदस्य पंकज कुमार पंकु ने सरकार कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते  हुए कहा कि  सरकार की ओर से हर वर्ग को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के दावे तो किए जाते हैं, लेकिन इसकी हकीकत इसके विपरीत है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के चड़ी स्थित पीएचसी को सीएचसी का दर्जा देने की मांग लंबे चार साल से उठती आ रही है, लेकिन अभी तक सरकार ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है। जिला परिषद सदस्य पंकज कुमार पंकु ने कहा कि अब क्षेत्रवासियों के सब्र का बांध टूटने लगा है, लोगों का कहना है कि जल्द सरकार ने इस बारे निर्णय नहीं लिया तो उन्हें अगली रणनीति बनाने को मजबूर होना पड़ेगा।

वर्ष 2019 में क्षेत्र के लोगों ने एक मांग पत्र प्रदेश सरकार को भेजा था, जिसमें 16 गांवों के 

300 से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर किए थे। उस दौरान ग्रामीणों ने सरकार को अवगत करवाया था पीएचसी चड़ी में आधारभूत ढांचा उपलब्ध है। क्षेत्र की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें, इसके लिए पीएचसी को सीएचसी का दर्जा दिया जाए, जिससे स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें, लेकिन उस पर भी गौर नहीं किया गया। 

जिला पार्षद पंकज कुमार पंकु ने बताया कि 19 अप्रैल को क्षेत्रवासियों की मांग को ध्यान में रखते हुए उन्होंने 19 अप्रैल को डीसी कांगड़ा को पीएचसी चड़ी को सीएचसी का दर्जा देने हेतू ज्ञापन सौंपा था। इस पर 1 जुलाई 2021 को उन्हें अधिकारिक पत्र के माध्यम से सूचित किया गया कि आपकी डिमांड को आगामी कार्रवाई हेतू सरकार को भेज दिया गया है। प्रशासन के पत्र को आए भी छह माह का समय बीत चुका है, लेकिन सरकार ने अभी तक कोई कार्रवाई इस दिशा में नहीं की है। 

जिला पार्षद ने बताया कि पीएचसी चड़ी को सीएचसी का दर्जा मिलता है तो चड़ी, घरोह, मैटी, सुधेड़, लांझणी, कल्याड़ा, बंडी, नागनपटट, डढंब, अनसुई, धनोटू, भितलू, घेरा, करेरी, सहित आधे धारकंडी क्षेत्र को स्वास्थ्य सेवाओं में लाभ मिलेगा, लेकिन सरकार पिछले चार साल से लगातार इस मांग को दरकिनार करती आ रही है। जिला पार्षद ने चेताया कि सरकार अतिशीघ्र इस बारे निर्णय नहीं लिया तो क्षेत्रवासियों के सहयोग से सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की जाएगी।



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