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डा गुरदर्शन गुप्ता

धर्मशाला | सन्नी महाजन 

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाक्‍टर गुरदर्शन गुप्ता ने कहा पिछले साल कोरोना से बचाव को टीकाकरण अभियान शुरू किया था, जिसके सुखद परिणाम सामने आए हैं। पिछले वर्ष जब जिला में ज्यादा लोग संक्रमित आ रहे थे और वैक्सीन का प्रावधान नहीं था तो डेथ रेट ज्यादा था। लेकिन अब जब कोरोना की दो डोज लग चुकी हैं व बूस्टर डोज भी लग रही है। ऐसे में कोरोना संक्रमण के मामले तो आ रहे हैं पर डेथ रेट बहुत कम है। बीते वर्ष प्रदेश में रोजाना 40 से 50 मरीजों तक की भी रोजाना मौत हो रही थी। लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब रोजाना केस तो दाे हजार के करीब आ रहे हैं। लेकिन संक्रमण के कारण जान गंवाने वालों का आंकड़ा न के बराबर है। बीते रोज यानी शनिवार की बात करें तो प्रदेश में दो हजार के करीब नए मामले सामने आए, जबकि किसी भी मरीज की मृत्‍यु नहीं हुई।स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी इसीलिए टीकाकरण पर जोर दे रहे हैं। सीएमओ ने कहा जो लोग छूटे हैं, वह जल्द टीकाकरण करवाएं। अभी भी कोरोना संक्रमण खत्म नहीं हुआ है। इसलिए जिन्होंने अभी तक टीकाकरण नहीं करवाया है, वह टीकाकरण करवाएं।

डा. गुरदर्शन गुप्ता ने कहा कि पिछले साल 16 जनवरी को देश के बाकी हिस्सों के साथ जिला कांगड़ा में कोविड टीकाकरण अभियान शुरू किया था। अब तक लाभार्थियों (15 वर्ष से अधिक) को 24,56,794 टीकाकरण खुराकें दी हैं। 12,92,412 लाभार्थियों को पहली खुराक, 11,56,387 दोनों खुराक और 7995 को एहतियाती खुराक मिली है। यह वास्तव में अविश्वसनीय यात्रा थी, उन्होंने कहा कि  टीकाकरण टीमों के अथक प्रयासों के बिना प्रशासन और लोगों की भागीदारी व समर्थन के बिना संभव नहीं था।अस्पताल में भर्ती होने की कम दर और मृत्यु दर में कमी जो हम आज देखते हैं, वह सफल टीकाकरण अभियान के कारण हो सका है, जिसे हम सभी ने पिछले साल हासिल किया था। लेकिन चुनौती अभी खत्म नहीं हुई है, हाल के मामलों में वृद्धि को देखते हुए टीकाकरण से छूटे लोग जल्द से जल्द टीकाकरण करवाएं।


सेल्फ टेस्टिंग किट उपयोग करने वाले नागरिक पॉजिटिव आने पर विभाग को करें रिपोर्ट

सीएमओ कांगड़ा गुरदर्शन गुप्ता ने कहा कि कई लोग कोविड के लिए  (स्व परीक्षण) किट का उपयोग कर रहे हैं, उन्हें स्थानीय प्राधिकरणों को परिणामों की रिपोर्ट करनी होती है ताकि उनके स्वास्थ्य की निगरानी की जा सके और समय पर सहायता प्रदान की जा सके ।

उन्होंने कहा कि एंटीजन किट में नेगेटिव परिणाम निर्णायक नहीं हैं,  सर्दी खांसी जुकाम बुखार के लक्षण आने पर आरटी पीसीआर परीक्षण की आवश्यकता होती है क्योंकि रैपिड एंटीजन टेस्ट किट द्वारा परिणाम निर्णायक नहीं रहते हैं ।



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