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रणबीर सिंह निक्का

बढ़ती लोकप्रियता के डर से वन मंत्री मेरी सदस्यता रद्द करवाने पर उतरे : रणवीर सिंह निक्का

वन मंत्री के खिलाफ रणवीर सिंह निक्का ने खोला मोर्चा 

भ्रष्टाचार के अलावा लगाए कई संगीन आरोप

धर्मशाला | सन्नी महाजन 

नूरपुर में भाजपा मंडल द्वारा संगठनात्मक जिला महामंत्री रणवीर सिंह निक्का ने धर्मशाला में वन मंत्री राकेश पठानिया पर जमकर आरोप लगाए की. भाजपा मंडल द्वारा उनकी सदस्यता रद्द किए जाने के फैसले बाद उन्होंने वन मंत्री के एवं स्थानीय विधायक राकेश पठानिया के खिलाफ अपनी सदस्यता को रद्द किए जाने को लेकर मोर्चा खोल दिया है। रणवीर सिंह निक्का ने दुख जताते हुए कहा कि वह  वर्षाें से भाजपा से जुडे़ रहे और टिकट की दौड़ में उन्हें दरकिनार कर दिया गया। अब जब समय आया है तो उन्हें कहकर पार्टी की सदस्यता से बाहर करने का प्रयास किया जा रहा है कि वह पार्टी की बैठकों में शामिल नहीं होते हैं. रणवीर निक्का ने आरोप लगाए कि जब भी वह पार्टी की बैठकों में गए हैं तो उन्हें मान सम्मान तक नहीं दिया गया है। जबकि उन्होंने वर्ष 2017 के विधानसभा चुनावों में भाजपा प्रत्याशी राकेश पठानिया के लिए चुनाव लड़ने के पार्टी के फैसले का स्वागत किया था तथा उनके लिए उन्होंने सुबह में वोट भी मांगे नती जन भारी मतों से राकेश पठानिया को नूरपुर से जिताया भी.  रणबीर सिंह निक्का ने कहा कि वन मंत्री राकेश पठानिया मंत्री बनकर नूरपुर के लोगों की बात नहीं सुनते हैं उन्होंने कहा कि मंत्री क्षेत्र का विकास छोड़ अपना ही विकास कर रहे हैं और एक बड़े भाजपा नेता के माध्यम से मुझे कथित तौर पर मेरी प्राथमिक सदस्यता रद करवा दी। उन्होंने कहा कि शांता कुमार और धूमल उनके मार्गदर्शक रहे हैं तथा उन्हीं के आशीर्वाद से उन्होंने नूरपुर से चुनाव लड़ा था लेकिन भाजपा के ही प्रत्याशी का आजाद प्रत्याशी के रूप से खड़े होने के कारण उन्हें हार का सामना करना पड़ा. लेकिन बड़ा जनाधार होने के कारण भी वह पार्टी के खिलाफ नहीं लड़े. पार्टी के आदेशों का इंतजार टिकट देना शीर्ष नेतृत्व का निर्णय है। हाई कमान अगर टिकट देगी तो चुनाव लड़ने का पूरी तरह से तैयार हैं। जब तक पार्टी नहीं कहेगी तभी तक भाजपा के साथ रहूंगा। उन्होंने कहा कि जिला महामंत्री के रहते उन्होंने कई सालों से सात मोर्चे पर जी जान से काम किया तथा बूथ स्तर पर कार्यकर्ता जोड़े। चुनावों के दौरान  आश्वासन दिया कि आपका मान सम्मान करेंगे लेकिन सवा 4 सालों में कुछ नहीं मिला और ना ही उन्होंने पार्टी से कुछ नहीं मांगा। अब जब स्थानीय जनता राकेश पठानिया के पास जाते हैं तो वो कहते हैं कि ये निक्के के कार्यकर्त्ता हैं तथा इसी रंजिश में वह जनता का काम ही नहीं करते. उन्होंने कहा कि उन्हें डर है कि निक्का को  टिकट मिल गया तो उनका क्या होगा. । पिछले सवा चार में भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को भी जिल्लत का सामना करना पड़ रहा है. 

हमने लोगों से जनसपंर्क करना शुरू किया जिसकी चुभन वन मंत्री को हो रही है। टिकट का निर्णय पार्टी करेगी इसके लिए बहुत समय है। उन्होंने कहा कि जब वन मंत्री ने शुरुआती दौर में चुनाव लड़े थे तो एक स्कूटर पर चुनाव प्रचार करते थे वन मंत्री ऐसा कौन सा काम कर रहे हैं जिससे करोड़ों की संपत्ति उनके पास आ गई. सरकार राकेश पठानिया की संपति और मलकवाल नर्सिंग कालेज की जांच करे। उन्होंने कहा कि वन मंत्री के सरंक्षण में कई पेड़ अवैध रूप से धड़ाधड़ काटे जा रहे हैं . उन्होंने आगे कहा कि नुरपुर में परिवारवाद की राजनीति नहीं करने देंगे। पार्टी अगर निकाल देगी तो नूरपुर की जनता मेरे राजनीतिक जीवन का फैसला लेगी। उन्होंने कहा कि फोरलेन प्रभावितों की आवाज उठाने का नतीजा उन्हें इस प्रकार से मिल रहा है उन्होंने कहा कि फिलहाल आधिकारिक तौर पर उन्हें जिला महामंत्री के पद से हटने के लिए कोई भी पत्र नहीं मिला है तथा मीडिया के माध्यम से ही उन्हें इस बात का ज्ञान है. 



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